Garibi dur karne ke Upay | Garibi Hatane ke Upay

Garibi dur karne ke Upay


यह निश्चित है कि वह पूरी तरह नहीं हटेगी चाहे पूरी दुनिया जोर लगा ले। वैसे तो प्राचीनकाल से ही वह रही है। हम भारतीयों को तो सदैव फकीरी ही पसंद रही है। सुदामा क्या थे, भगवान कृष्ण के बाल सखा होने के बावजूद उन्हें खाने के लाले पडे़ रहते थे। जब उस युग में गरीबी नहीं हटी तो आज क्या खाकर हमारी सरकार हटाएगी। गरीबी हमारे लिए शाश्वत सत्य है। उसे हमें सहर्ष स्वीकार कर लेना चाहिए।

Garibi ko dur karne ke Tarike

हम ही क्या पूरा विश्व ही उसे हटाने के पीछे पड़ा हुआ है। उस दिन संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर पूरे दिन हमारे स्कूली बच्चे भूखे प्यासे स्टैंड अप रहे कि वह हट जाए। हमारे मंत्री जी ने भी उसे हटाने के लिए जलेबी व्रत रखा और केवल जलेबी के अतिरिक्त मुख में कुछ भी नहीं डाला, लेकिन वह नहीं हटी। यद्यपि विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि उनकी तो हट गई। मंत्री बनने के पूर्व वह फटीचर सी साइकल पर चला करते थे लेकिन अब चमचमाती कार में घूमते हैं। यदि सभी को मंत्री या अफसर बना दिया जाए तो शायद वह हट जाए।



इंदिरा गांधी ने सर्वप्रथम गरीबी हटाने का नारा दिया था। पूरी कांग्रेस पार्टी की गरीबी काफूर हो गई। एनडीए शासन के समय अटल जी ने भी बहुत दम लगाया। इंडिया शाइनिंग कराया लेकिन वह नहीं हटी। हां, उनकी पार्टी के नेताओं की हट गई और वे कोल्हापुरी चप्पलों से हटकर हाइटेक होकर चुनाव लड़ने लगे। मनमोहन सिंह जी कई वर्षों से इसे हटाने में प्राणपण से जुटे हैं। उदारीकरण और विदेशी धन से हमारी गरीबी दूर करने की कोशिश की जा रही है। इस वर्ष अरबपतियों की जो लिस्ट आई है उसमें हमारा देश अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आ गया है। बधाई हो! गरीबी कोई एक दिन में हटने वाली तो है नहीं। पहले ऊपर वालों की हटेगी फिर नीचे वालों की हटेगी। भिखमंगों के देश में अरबपतियों के बढ़ने से हमारी अमीरी बढ़ी कि नहीं? गरीबी हटी कि नहीं?


Related post

जाने लाल किताब में धन प्राप्ति से जुड़े बहुत ही अचूक एवं सरल उपाय !
आप बन सकते है लखपति, दीपावली में इस तरह करे पूजा !

No comments:

Post a Comment

Prem Mandir Vrindavan ,Mathura

prem mandir vrindavan वृंदावन का प्रेम मंदिर बहुत प्रसिद्ध है प्रेम मंदिर की स्थापना किपलू महाराज जी ने १४ जनवरी २००१ को लाखो श्रद्धालुओ...