Rog Mukti Ke Upay | Rog Nivaran Mantra

Rog Mukti




दोस्तों यदि आपके घर या घर के आस पास लोग बीमारी से परेशान रहते है तो आज हम आपको रोग मुक्ति के उपाय बताने जा रहे है । यदि हमारे दुवरा बताये गए उपाय को आप पुरे विश्वास के साथ करेगी तो आपको फायदा अवश्य ही होगा .. लेकिन साथ में आपको आपने कर्मा नहीं छोड़ने कहने का मतलब है की डॉक्टर से दवाई लेना . यदि आप कर्म और उपाय साथ में करेगी तो आपको जल्द ही बीमारी से मुक्ति मिल  जायगी । इसलिए आज हम आपको रोग मुक्ति और रोग निवारण के कुछ उपाय बताने जा रहे है जिसे आप आपने घर में बहुत ही आसानी से कर सकते है  उसका असर आपको खुद ही देखने को मिलेगा । एक बात हमेशा  याद रखना की कर्म ही सबसे ऊपर है ज्योतिष केबल रहा दिखता है

 रोग मुक्ति के उपाय -Rog Mukti Ke Upay


मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमान जी की मूर्ति से सिंदूर लेकर बीमार व्यक्ति के माथे पर लगा देना उससे उसे बीमारी से लड़ने में बहुत मदद मिलेगी । वः जल्दी ही खुद को ठीक महसूस करने लगेगा ।

 यदि कोई व्यक्ति बहुत समय से बीमार है तो उस के लिए आप उसके सिरहाने के निचे पीपल की जड़ रख दे । आप खुद को जल्द ही ठीक महसूस करने लगेगी ।

रोगी इंसान को सुबह एक गिलास पानी पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके ” एँ ” मंत्र का जाप 21 बार करके उस पानी को पीना चाहिए। एैसा सात दिनों तक लगातार करें। जिसकी शुरूआत रविवार के दिन से करनी चाहिए।

रोग मुक्ति मंत्र - Rog Mukti Mantra




जो जटिल रोग से पीड़ि‍त हों, उन्‍हें हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. वैसे तो श्रद्धालु पूरी हनुमान चालीसा का पाठ किया करते हैं. परंतु रोग नाश के लिए हनुमान चालीसा की इन चौपाइयों और दोहों को मंत्र की तरह जपने का विधान है:

1. बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवनकुमार। 
बल बुधि बिद्या देहु मोहि हरहु कलेस बिकार।

2. नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।

इस दोहे के जप से हर तरह के रोग, शारीरिक दुर्बलता, मानसिक क्‍लेश आदि दूर होते हैं. खास बात यह है कि हनुमानजी के उपासक को सदाचारी होना चाहिए. सदाचार से वे प्रसन्‍न होते हैं और मनोकामनाओं को पूरा करते हैं.

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